एक गोली, एक क्रिकेट मैच और मैदान पर मौत: क्रिकेट इतिहास की अनसुनी कहानी


क्रिकेटरों की मौत के तरीके में बीमारी से लेकर एक्सीडेंट, युद्ध, आपसी रंजिश, डकैती, आत्महत्या और खेल के दौरान चोट और ह्त्या भी....सब मिल जाएंगे पर ये मौत के उस तरीके का किस्सा है जो सिर्फ एक क्रिकेटर के नाम है।

ऑस्ट्रेलिया में पिछले दिनों फिल हेंडरसन नाम के एक व्यक्ति का 77 साल की उम्र में निधन हो गया। इस खबर का क्रिकेट में कहीं जिक्र नहीं हुआ- वे क्रिकेट से किसी भी तरह से जुड़े नहीं थे तो होता भी क्यों? यहां उनका जिक्र इसलिए कर रहे हैं चूंकि वे क्रिकेट इतिहास की सबसे अजीब, दुखद और दर्दनाक घटना से जुड़ी आखिरी कड़ी थे।

फिल, ऑस्ट्रेलिया आर्मी के एक ऑफिसर और शौकिया क्रिकेटर, कैप्टन आर्थर हेंडरसन के जीवित बचे, आखिरी बेटे थे। कैप्टन हेंडरसन दुनिया के अकेले क्रिकेटर हैं जिनकी (1952 में एडिलेड में) एक मैच के दौरान फील्डिंग करते हुए गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

ये मैच, सालाना साउथ ऑस्ट्रेलियन कंट्री वीक टूर्नामेंट में, रेलवे ओवल (जिसे अब कैरेन रोल्टन ओवल कहते हैं और यहां इंटरनेशनल मैच भी खेल चुके हैं) में खेल रहे थे और दिन था 13 फरवरी, 1952 का। 33 साल के हेंडरसन, साउथ ईस्ट के विरुद्ध अपर नॉर्थ की तरफ से कवर पॉइंट पर फील्डिंग कर रहे थे। तब आर्मी में कैप्टन थे और नई बनी वूमेरा रॉकेट रेंज में उनकी ड्यूटी थी। वह शादीशुदा थे, उनके तीन छोटे बेटे थे और एक लोकप्रिय खिलाड़ी थे। इस टीम के लिए ये उनका दूसरा मैच था जो आखिरी साबित हुआ।

खेल शुरू होने के लगभग आधे घंटे बाद, ओपनिंग बॉलर सार्जेंट लेस पैट्रोनी ने राइफल की गोली की आवाज सुनी। कवर पॉइंट पर खड़े हेंडरसन को पीछे से गोली लगी और उनके शरीर के आर-पार होकर दिल में लगी, जिससे वहीं उनकी मौत हो गई। इससे पहले कि खिलाड़ी कुछ समझ पाते कि क्या हुआ है, एक और गोली चली। हमलावर बाउंड्री के पास खड़ा था। ग्राउंड पर अफरा-तफरी मच गई और खिलाड़ी ड्रेसिंग रूम की ओर भागे।

दूसरी गोली अपर नॉर्थ के एक और खिलाड़ी रॉन रीड, के कंधे में लगी थी। इसके बाद और भी गोलियां चलीं पर इन पर सब बच गए। हमलावर के पास .303 राइफल थी और बहुत जल्दी उसकी पहचान 24 साल के लेबनान से इमिग्रेंट एलियास गाहा के तौर पर हो गई।

ये तो बाद में पता चला कि गाहा की दिमागी हालत ठीक नहीं थी और वे विक्टोरिया के मेंटल हॉस्पिटल में रह भी चुके थे। जनवरी 1952 तक, वह एडिलेड में थे और उनके पास आर्मी की एक पुरानी राइफल थी। वे कहते थे कि अपनी सुरक्षा के लिए उन्हें इसकी जरूरत है। जिस दिन का ये किस्सा है, उस दिन सुबह पहले वह कॉमनवेल्थ इमिग्रेशन डिपार्टमेंट गए थे और अपनी कई शिकायत पर वहां के ऑफिसर से कहा-सुनी की थी। यहां तक आरोप लगाया कि सरकार उसके खिलाफ साजिश रच रही है।

इस झगड़े के एक घंटे बाद वे क्रिकेट ग्राउंड में थे। हेंडरसन को गोली मारने के बाद, गाहा ने तब तक फायरिंग जारी रखी जब तक, संयोग से वहां मौजूद, डिटेक्टिव जॉन जाइल्स उनसे उलझ न पड़े। काफी उठा-पटक के बाद, जाइल्स और आर्मी के अन्य ऑफिसर ने मिलकर उसे काबू में किया और उससे राइफल छीन ली। गाहा को ह्त्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।

केस कोर्ट पहुंचा तो गाहा के वकील ने इसे हत्या का एक आम या सीधा सा केस बनने ही नहीं दिया। वह उनकी दिमागी हालत को खास मुद्दा बनाते रहे। आखिरकार वे कामयाब रहे और कोर्ट ने गाहा को दिमागी तौर पर बीमार घोषित कर एक मेंटल हॉस्पिटल भेज दिया। बाद में उन्हें लेबनान डिपोर्ट कर दिया।

आर्थर के बाद परिवार में उनकी पत्नी जॉयस और तीन बेटे, जॉन, मिक और फिल बचे। जब पिता की हत्या हुई, तब फिल तीन साल के भी नहीं थे। आर्थर का फ्यूनरल आर्मी ने पूरे सम्मान के साथ सेंटेनियल पार्क में किया। इसी ह्त्या की वजह से 'कंट्री वीक' को कुछ साल नहीं खेले थे पर बाद में खेलने लगे।

फिल भी बड़े होकर आर्मी में गए। जब वे बड़े हुए तो अपने अन्य दो भाइयों की तुलना में, वे अपने पिता के बारे में सबसे ज्यादा जानना चाहते थे। उनकी पिक्चर और अन्य डॉक्यूमेंट इकट्ठा किए, परिवार का फ़ैमिली ट्री बनाया और लोगों से उनके बारे में जानकारी ली। वे 'वर्चुअल वॉर मेमोरियल ऑस्ट्रेलिया' के जरिए भी आर्थर के बारे में जानकारी जुटाते रहे। इस सब से उन्हें ये भी पता चला कि क्रिकेट आर्थर की जिंदगी का एक खास हिस्सा था। आखिरकार क्रिकेट खेलते हुए ही जान दे दी।

उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ये रिकॉर्ड किया गया कि उनकी मौत दिल में लगी गोली से हुई थी। मौत कहां हुई? इसके जवाब में लिखा गया: क्रिकेट ग्राउंड में। अगर क्रिकेट इतिहास में ये दावा किया जाता है कि वे अकेले ऐसे क्रिकेटर हैं जिनकी मौत खेलते हुए ह्त्या थी तो क्या विजडन अल्मनैक ने ये फैक्ट रिकॉर्ड किया? आज किसी के पास इस सवाल का जवाब नहीं है कि विजडन ने इस फैक्ट को रिकॉर्ड क्यों नहीं किया? यहां तक कि विजडन ने तो अपने 'ऑबिच्युअरी (obituary)' कॉलम में भी उनकी मौत को रिकॉर्ड नहीं किया।

सालों बाद जब, इस फैक्ट को नजरअंदाज करने वाला सवाल उठा तो विजडन ने जवाब दिया कि आर्थर फ्रांसिस हेंडरसन एक प्रोफेशनल सर्विसेज ऑफिसर और 'कंट्री-वीक' के शौकिया क्रिकेटर थे, न कि कोई फर्स्ट-क्लास या इंटरनेशनल खिलाड़ी, इसलिए 'विजडन क्रिकेटर्स अल्मनैक' में उनके 'निधन' को ऑबिच्युअरी कॉलम में जगह नहीं दी गई। हैरानी है कि जिस विजडन में, लॉर्ड्स के पवेलियन में रहने वाली बिल्ली की मौत की खबर छप सकती है, उसमें एक मैच के दौरान हुई ह्त्या की खबर (जबकि ग्राउंड में पड़ी लाश की फोटो सब अखबारों में छपी) को विजडन ने जगह नहीं दी।

70 साल से ज्यादा हो गए पर उस किस्से को याद करने वाले अभी जीवित हैं और वे सफेद कपड़ों में, गर्मी की सुबह, एक साधारण क्रिकेट मैच में, अचानक घास पर पड़ी लाश को भूले नहीं हैं। जिसने गोली मारी वह बाउंड्री के बाहर हथियारबंद खड़ा था।


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